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किरोड़ी मल कॉलेज में हुआ क ऑडिटोरियम में “Know Our Borders” का कार्यक्रम

नई दिल्ली, 5 मई 2026: किरोड़ी मल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने सीमा जागरण मंच, दिल्ली के सहयोग से अकादमिक ऑडिटोरियम में “Know Our Borders” कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की सीमा सुरक्षा, विवादों एवं उभरती चुनौतियों पर सार्थक एवं सूचित संवाद को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता किरोड़ी मल कॉलेज…

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“ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्र निर्माण या ‘विकास के नाम पर विनाश’ की राजनीति?”

देश में पिछले महीने पांच राज्यों- असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधान सभा के चुनाव हुए। इन पांच राज्यों में पश्चिम बंगाल का चुनाव सबसे अधिक चर्चा में रहा। चर्चा में इसलिए क्योंकि वामपंथ और लाल आतंक की जननी पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा का पुराना इतिहास रहा है।  चुनाव के सुर्खियों…

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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट: क्या भारत को ‘जैविक संग्रहालय’ बनाए रखने की कोई वैश्विक साजिश है? 5 चौंकाने वाले खुलासे

1.एक रणनीतिक पहेली और बौद्धिक बेईमानी का पर्दाफाश भारत की समुद्री सुरक्षा और विकास के बीच का द्वंद्व महज एक पर्यावरणीय बहस नहीं है, बल्कि यह भारत के संप्रभु अधिकारों के विरुद्ध रचा गया एक ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ है। ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को अक्सर ‘पर्यावरण बनाम प्रगति’ के चश्मे से दिखाया जाता है, लेकिन एक रणनीतिक…

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सीमा-दृष्टि

राजस्थान के सीमावर्ती जिले फलोदी से प्रेरक पहल: सीमा प्रहरियों के लिए 81 डेजर्ट कूलर भेंट

नई दिल्ली / फलोदी (राजस्थान)।राजस्थान के सीमावर्ती जिले फलोदी से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। भारत-पाक पश्चिमी सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के लिए भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने हेतु सीमाजन कल्याण समिति की प्रेरणा से मुंबई के व्यवसायी एवं भामाशाह ओमप्रकाश खत्री (मरुधर ज्वेलर्स) द्वारा 81 डेजर्ट कूलर भेंट…

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सीमा-दृष्टि

आतंक के खिलाफ मजबूत होता मोर्चा

अशोक कुमार (आईपीएस) ‘घेरा’ भारत की आतंक-रोधी रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, लेकिन इसकी सफलता इसके अमल पर निर्भर करेगी भारत दशकों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष आतंकवाद का सामना करता आया है। यह लड़ाई हमारे लिए नई नहीं है। आतंकवाद कितना व्यापक हो सकता है, इसका एक उदाहरण मुंबई में हुआ आतंकवादी…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जम्मू-कश्मीर: जनसांख्यिकीय संतुलन अत्यावश्यक

“जम्मू-कश्मीर की सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता की कुंजी: जनसांख्यिकीय संतुलन”- अश्विनी कुमार च्रोंगू      (जम्मू-कश्मीर का प्रश्न केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सीमा-सुरक्षा और सांस्कृतिक अखंडता से जुड़ा मूल मुद्दा है। अश्विनी कुमार च्रोंगू द्वारा प्रस्तुत यह विचारपुंज बताता है कि घाटी में जनसांख्यिकीय असंतुलन ने न केवल कश्मीरी पंडित समुदाय…

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