सीमा-दृष्टि

पोखरण 1998: भारत के उस सामरिक ‘धोखे’ की दास्तां जिसने महाशक्ति अमेरिका को घुटनों पर ला दिया!

प्रस्तावना: जासूसी के चक्रव्यूह को भेदने की चुनौती क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश, जिसने अपनी जासूसी के लिए अरबों रुपये के उपग्रह अंतरिक्ष में तैनात कर रखे हों, उसकी आँखों के ठीक नीचे एक परमाणु धमाका हो जाए और उसे खबर तक न लगे? 1998 में भारत ने…

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