भारतीय सीमा-सुरक्षा प्रबंध

भारत, व्यापक भू-भाग और विविध भौगोलिक संरचनाओं वाला देश, सात साथी देशों और सागर से घिरा है। इन सीमाओं की रक्षा, देश की अखंडता के साथ-साथ हमारे नागरिकों की रक्षा का प्रश्न है। दुश्मन की हर चाल को बेअसर करने के लिए सरकार ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती अनेक सीमांत क्षेत्रों में की है। ध्यातव्य हैं – भारत की सीमाओं के प्रकार, उनकी लंबाई, तटरेखा, और तैनात अर्धसैनिक बलों का विस्तृत वर्णन:

1 . भारत की स्थलीय सीमाएँ-   

पाकिस्तान सीमा-  लंबाई: लगभग 3,323 कि.मी.   राज्यों से होती सीमा: गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर.   प्रमुख बल: सीमा सुरक्षा बल (BSF).   विशेष प्रावधान: घुसपैठ रोधी तटबंदी, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी टावर, जीरो लाइन पर दुश्मनों की गतिविधियों का मुकाबला

चीन (तिब्बत) सीमा- लंबाई: लगभग 3,488 कि.मी. राज्यों से होती सीमा: लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश.   प्रमुख बल: भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP).   विशेषताएँ: ऊँची चोटियाँ, ग्लेशियर, सेन्सर नेटवर्क, पर्वतारोहण विशेषज्ञ इकाइयाँ

बांग्लादेश सीमा-   लंबाई: लगभग 4,096 कि.मी.    राज्यों से होती सीमा: पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, त्रिपुरा.  प्रमुख बल: सीमा सुरक्षा बल (BSF).  विशेषताएँ: नदियाँ एवं नदी सीमाएं, मल्टीलेयर फेंसिंग, बुनियादी मानव पूँजी संवर्धन कार्यक्रम

नेपाल सीमा-   लंबाई: लगभग 1,751 कि.मी.    राज्यों से होती सीमा: उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल.   प्रमुख बल: सिक्योरिटी फ़ोर्सेज बॉर्डर (SSB).   विशेषताएँ: खुली सीमा, चौकसी पोस्ट, आईडी कार्ड आधारित सत्यापन कार्यक्रम

भूटान सीमा-   लंबाई: लगभग 699 कि.मी.    राज्यों से होती सीमा: सिक्किम, असम, पश्चिम बंगाल.  प्रमुख बल: सिक्योरिटी फ़ोर्सेज बॉर्डर (SSB).  विशेषताएँ: जंगल वृक्षावरणीय क्षेत्र, तकनीकी निगरानी

म्यांमार सीमा-  लंबाई: लगभग 1,643 कि.मी.   राज्यों से होती सीमा: मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश.  प्रमुख बल: असम राइफल्स (Assam Rifles).   विशेषताएँ: नक्सल-आतंकवाद रोधी व मिलिट्री साझा अभियान, लोकल मिलिशिया समन्वय.   बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, चीन के अतिरिक्त

बांग्ला तटरेखा- 4,000 कि.मी. (बीएसएफ द्वारा समुद्री सिक्योरिटी)    बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर तटरेखा: भारतीय तट रक्षक बल और भारतीय नौसेना

2. भारत की समुद्री सीमाएँ

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह-  तटरेखा: लगभग 1,962 कि.मी.    सुरक्षा एजेंसियाँ: भारतीय तट रक्षक बल (ICG), भारतीय नौसेना, अर्धसैनिक तट रक्षक इकाइयाँ.   विशिष्ट पहल: अंतर्देशीय जलमार्गों पर सतत गश्त, अंडमान पुलिस के स्पेशल गश्ती दल

लक्षद्वीप द्वीपसमूह-   तटरेखा: लगभग 2,800 कि.मी.    सुरक्षा एजेंसियाँ: भारतीय तट रक्षक बल (ICG), भारतीय नौसेना.   विशिष्ट पहल: समुद्री डायनामाइट निष्क्रियकरण और द्वीपों के जलमार्गों पर निरंतर गश्ती एवं निगरानी.   अन्य तटीय राज्य

तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तट.   प्रमुख बल: भारतीय तट रक्षक बल (ICG).   विशेषताएँ: मत्स्य निगरानी, जलमार्ग सुरक्षा, समुद्री आतंकवाद-रोधी निरनयन

3. तैनात अर्धसैनिक बलों का विवेचन
सीमा सुरक्षा बल (BSF)-   गठन वर्ष: 1965.   कार्य: पाकिस्तान एवं बांग्लादेश सीमांत टिकाऊ गश्ती, मानव चेतना कार्यक्रम.   संगठन: 192 बटालियन, 2 एडवाइजरी ग्रुप, 8 डिजीटल आईटीबीपी हब

भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)-   गठन वर्ष: 1962 युद्ध के बाद.   कार्य: चीन सीमा की अतिक्रमण-रोधी गश्ती, पर्वतीय अभियानों हेतु विशिष्ट ट्रेनिंग.   विशेष इकाई: पर्वतारोहण शिविर, स्वदेशी रोधी तकनीक

सशस्त्र सीमा बल (SSB)-   गठन वर्ष: 1963.   कार्य: नेपाल एवं भूटान सीमा की गश्ती, सीमा पार अपराध रोधी समन्वय.   अभिनव पहल: एम-पोर्टल केंद्रीय आईटी आधार

असम राइफल्स (Assam Rifles)-   गठन वर्ष: 1835 (ब्रिटिश राज में).   कार्य: म्यांमार सीमा, आंतरिक सुरक्षा, संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान. सामुदायिक पहल: लोकल मिलिशिया समन्वय, वापसी-पूर्व पुनर्वास कार्यक्रम

अर्द्धसैनिक तट रक्षक बल (CRPF, CISF)-  सीआरपीएफ कार्य: भीतरी सुरक्षा, सीमित तटीय तैनाती.   सीआईएसएफ कार्य: महत्वपूर्ण संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रक्षा.   सामरिक भूमिका: एयरपोर्ट, बंदरगाह, मिग्रेशन सेंटर, पनबिजली स्टेशन

भारतीय तट रक्षक बल (ICG)-     गठन वर्ष: 1977.   कार्य: समुद्री सीमा सुरक्षा, खोज एवं बचाव, पर्यावरण संरक्षण.   विशेष अभियानों: समुद्री पेट्रोलिंग, जीवनरक्षक अभियान

4. सीमा सुरक्षा के आधुनिक आयाम- लेक्ट्रॉनिक निगरानी नेटवर्क।   ड्रोन गश्ती, इन्फ्रारेड कैमरे, मूवमेंट सेंसर, एआई आधारित विश्लेषण केंद्र।   स्थानीय जनसमूह समन्वय।   सीमांत इलाकों में रक्षा सद्भाव कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ।   अंतर-विभागीय सहयोग।   रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, राज्य पुलिस, अर्धसैनिक बल, जल सीमांत इकाइयों का समन्वित अभियान।  अंतरराष्ट्रीय साझेदारी।   बॉर्डर मैनेजमेंट सहयोग चीन/म्यांमार/बांग्लादेश/नेपाल के बीच समझौते; SCO और BIMSTEC मंच

5. अंदमान और लक्षद्वीप-  द्वीपीय सीमा सुरक्षा।    भौगोलिक महत्त्व।  अंडमान निकोबार: 572 द्वीपों से बना प्रदेश।  लक्षद्वीप: 36 द्वीप, प्रमुख ऊर्जा पाइपलाइन मार्ग

सुरक्षा बलों का समन्वय-   भारतीय नौसेना के साथ तट रक्षक बल, अंडमान पुलिस, कोस्ट गार्ड के स्पेशल ब्रिगेड का समन्वय।   चरम परिस्थितियों में गश्ती।  मॉनसून अभियान, समुद्री तूफान-रोधी रणनीति, लंबी दूरी के विमान आधारित निगरानी।  स्थानीय समुदाय सुरक्षा। द्वीपीय जीवन-रेखा योजनाओं में सुरक्षा शिक्षण, बचाव-रथ, जल-मार्ग आपदा नियंत्रण

भारत की सीमाएँ विविधता, चुनौती और अवसर का संगम हैं। इन सीमांत इलाकों की सुरक्षा के लिए राज्य ने अर्धसैनिक बलों की बहुस्तरीय व्यवस्था की है। उच्च-प्रशिक्षित ITBP, BSF, SSB, असम राइफल्स, और नौसैनिक तट रक्षक बल के सम्मिलित प्रयास से दुश्मन की किसी भी चाल को रोकना संभव है। आधुनिक तकनीक, स्थानीय जन-समर्थन और अंतर-विभागीय समन्वय ने भारतीय सीमा सुरक्षा को अजेय बनाया है। जब भारत की सीमा सुरक्षित रहेगी, तभी भारत की आत्मा मुक्त रहेगी।