मणिपुर
मणिपुर भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य है। इसकी लगभग 398 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा म्यांमार से लगती है। भारत की "एक्ट ईस्ट नीति", सीमापार व्यापार, सांस्कृतिक संपर्क तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से मणिपुर का विशेष महत्व है।
मणिपुर सीमा तथ्य
मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा एवं सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख तथ्य
परिचय
मणिपुर भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक पर्वतीय राज्य है। राज्य की पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी सीमा म्यांमार से मिलती है। इम्फाल घाटी, सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्र तथा मोरेह अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र मणिपुर को भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण द्वार बनाते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक संबंध एवं आधारभूत ढाँचे का विकास विशेष महत्व रखता है।
सीमावर्ती जिले
| जिला | सीमा विशेषता | प्रमुख स्थल | महत्व |
|---|---|---|---|
| तेंगनौपाल | म्यांमार सीमा | मोरेह | अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र |
| चंदेल | दक्षिण-पूर्व सीमा | बीतरा क्षेत्र | सीमा सुरक्षा |
| उखरुल | पूर्वी पर्वतीय सीमा | जेसामी | सामरिक महत्व |
| कामजोंग | म्यांमार संपर्क क्षेत्र | कासोम खुल्लेन | सीमांत विकास |
| चुराचांदपुर | सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्र | बेहियांग | सीमा संपर्क |
सीमा का इतिहास
1891
ब्रिटिश शासन के बाद मणिपुर क्षेत्र का प्रशासनिक पुनर्गठन हुआ।
1949
मणिपुर भारतीय संघ में सम्मिलित हुआ।
1972
मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।
वर्तमान
सीमा अवसंरचना एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार संपर्कों का विस्तार जारी है।
सामरिक महत्व
मणिपुर भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। मोरेह-तामू मार्ग भारत और म्यांमार के बीच सबसे महत्वपूर्ण स्थलीय व्यापार मार्गों में से एक है। राज्य दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क, सीमावर्ती सुरक्षा तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रमुख सीमा स्थल
मोरेह
भारत-म्यांमार व्यापार का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार
तामू
म्यांमार का प्रमुख सीमावर्ती नगर
बेहियांग
उभरता हुआ सीमा संपर्क क्षेत्र
सीमांत विकास कार्यक्रम
मणिपुर के सीमावर्ती जिलों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल संपर्क, सीमा व्यापार केंद्र तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) के अंतर्गत अनेक परियोजनाएँ संचालित हैं।
सीमा सुरक्षा व्यवस्था
सीमा चुनौतियाँ
रोचक तथ्य
- मोरेह को भारत का "Gateway to Southeast Asia" कहा जाता है।
- मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा केवल म्यांमार से मिलती है।
- मोरेह-तामू मार्ग भारत-म्यांमार व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण स्थल मार्ग है।
- मणिपुर भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख केंद्र है।
- राज्य का अधिकांश सीमावर्ती क्षेत्र पर्वतीय एवं वनाच्छादित है।
- मणिपुर पूर्वोत्तर भारत के सामरिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में गिना जाता है।

