उद्देश्य एवं प्रतिबद्धता

सीमा जागरण मंच एक समर्पित राष्ट्रीय संगठन है जो भारत की सीमाओं की सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापक सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए कार्यरत है। हमारा मूल उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में राष्ट्रीय चेतना जगाना, स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और उन्हें राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़कर एक मजबूत भारत का निर्माण करना है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, स्वावलंबन से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक – जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए हम निरंतर प्रतिबद्ध हैं। कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु ध्यातव्य हैं –
 

                                                             

  • राष्ट्रीय गौरव भावना विकास – ‘भारत को जानिएसामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजन
  •  आधारभूत शैक्षणिक सुविधाएंकक्षाओं की मरम्मत, स्मार्ट क्लास, शौचालय व्यवस्था, स्वच्छ जल आपूर्ति, खेल सामग्री, कंप्यूटर लैब
  • मूल्य आधारित शिक्षानैतिक एवं स्वरोजगार शिक्षा के व्यावहारिक प्रयोग
  • राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) – प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग
  • शिक्षा संस्थान स्थापनाविद्यालय रहित क्षेत्रों में विद्यालय भवन की व्यवस्था
  • खेलकूद संवर्धनखेल सामग्री एवं प्रशिक्षण व्यवस्था
  • प्रतिभा पोषणमेधावी छात्रों का उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु चयन सहयोग

 

  • प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्थासरकारी/गैरसरकारी चिकित्सा सुविधाओं का संगठन
  • जन औषधि केंद्रस्थापना एवं जन जागरूकता
  • समग्र चिकित्सा तंत्रमानव से पशुधन तक आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था विकास
  • स्वास्थ्य जागरूकताचिकित्सा एवं योगव्यायाम शिविर आयोजन
  • पारंपरिक चिकित्सा संरक्षणआयुष चिकित्सा पद्धति का प्रसार
  • कल्याणकारी योजना क्रियान्वयनकुपोषण मुक्त ग्राम आयुष्मान भारत कार्ड कार्यक्रम
  • महिला किशोरी स्वास्थ्यविशेष जागरूकता एवं कल्याण योजना क्रियान्वयन
  • स्थानीय उद्यम संवर्धनपारंपरिक जीविकोपार्जन, व्यवसाय और उद्योगों को प्रोत्साहन देकरलोकल को वोकलबनाना
  • कौशल विकासप्रशिक्षण शिविर एवं कैरियर काउंसलिंग/आजीविका परामर्श
  • प्राकृतिक कृषि संवर्धनजैविक खेती पशुपालन का गुणात्मक विकास
  • सहायक उद्योग विकासग्रामीणों को बड़े उद्योगों के पूरक बनाना प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई स्थापना
  • स्वयं सहायता समूहयोजना का प्रभावी क्रियान्वयन
  • सांस्कृतिक पर्यटनलोक कलासंगीतपरंपरा और ग्रामीण पर्यटन आधारित स्वरोजगार (होम स्टे आदि)
  • सहकारिता व्यवसायसामूहिक उद्यमिता को प्रोत्साहन
  • डिजिटल साक्षरताआदर्श डिजिटल व्यवहार प्रशिक्षण
  • आपदा तैयारीआपदा प्रबंधन एवं राहत प्रशिक्षण
  • हरित पहलवृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्ति अभियान
  • भूजल प्रबंधनभूजल संरक्षण एवं संवर्धन
  • जल स्रोत स्वच्छतानदी, तालाब एवं समुद्री स्वच्छता कार्यक्रम
  • समग्र ग्राम विकासस्वच्छ ग्राम, जीवंत जल स्रोत, वन एवं चरागाह संरक्षण, गौ संरक्षण योजना
  • वैकल्पिक ऊर्जानवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का प्रोत्साहन
  •  आध्यात्मिक केंद्रश्रद्धा स्थलों का व्यवस्थित एवं प्रेरणादायक विकास
  • ज्ञान केंद्र विकासपुस्तकालय एवं संग्रहालय स्थापना