समुद्री सीमा सुरक्षा का नया उद्घोष ‘इक्षक‘
6 नवंबर, 2025 – यह दिन भारतीय नौसेना के गौरव का नया प्रभात लेकर आएगा। कोच्चि के नौसैनिक तट पर, जहाँ समुद्र की लहरें राष्ट्र को प्रणाम करती हैं, वहाँ ‘इक्षक‘ नामक एक नया जहाज़ नौसेना के बेड़े में सम्मिलित होगा। यह केवल एक सर्वे वेसल नहीं – यह है समुद्र पर भारत की दृष्टि, भारत की सागरीय शक्ति, और भारत की अत्याधुनिक तकनीकी क्षमता का प्रतीक।
‘इक्षक‘ SVL श्रेणी का तीसरा विशाल जहाज़ है, जो समुद्री मानचित्रण और हाइड्रोग्राफ़िक सर्वेक्षण की अत्याधुनिक क्षमता से सुसज्जित है। लेकिन इसका कार्यक्षेत्र यहीं नहीं रुकता। यह जहाज़ आपातकालीन चिकित्सा सेवा और मानवीय राहत कार्यों का भी वाहक है – जहाँ संकट हो, जहाँ पीड़ा हो, वहाँ यह पहुँचेगा, सेवा के संकल्प के साथ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी स्वयं उपस्थित रहेंगे। ‘इक्षक‘ में पहली बार महिला नौसैनिकों के लिए पृथक और आधुनिक आवास की व्यवस्था की गई है—यह नारी शक्ति के सम्मान का, समावेशिता का, और प्रगतिशीलता का प्रमाण है।
यह जहाज़ स्वदेशी तकनीक से निर्मित है, जो भारत की आत्मनिर्भरता का गौरव-गान करता है। समुद्र की विशालता में, जहाँ चुनौतियाँ अनंत हैं, वहाँ ‘इक्षक‘ संकल्प और शक्ति दोनों के साथ खड़ा होगा। यह केवल एक जहाज़ नहीं – यह है भारत के समुद्री सामर्थ्य का नया उद्घोष, सुरक्षा और सेवा का संगम, और राष्ट्र की अजेय जिजीविषा का प्रतीक।
सीमा जागरण और सीमा सुरक्षा की दृष्टि से भी थल हो, जल हो या नभ, हर सीमा पर भारत की चौकसी, सेवा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना ही होगा। ‘इक्षक‘ जैसे आधुनिक जहाज़ हमारी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को नई ऊर्जा देते रहेंगे और सीमा जागरण के संकल्प को भी साकार करेंगे।








