भारत का पहला इलेक्ट्रिक वॉरशिप
भारतीय नौसेना ने रणनीतिक साझेदारी के एक नए अध्याय की ओर कदम बढ़ाया है। रोल्स-रॉयस के साथ मिलकर भारत का पहला इलेक्ट्रिक वॉरशिप विकसित करने की योजना न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि हमारी हरित ऊर्जा के प्रति अनवरत प्रतिबद्धता का सबूत भी है।
इस पोत में लगे इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम से तैनाती-काल में किसी भी प्रकार का धुआँ उत्सर्जित नहीं होगा, जिससे समुद्री इकोसिस्टम पर पड़ने वाला कार्बन फुटप्रिंट नगण्य होगा। सतत् संचालन क्षमता के साथ यह युद्धपोत एक बार चार्ज होने पर कई हफ्तों तक निरंतर गश्त कर सकता है, जिससे रिफ्यूलिंग पर निर्भरता घटेगी और ऑपरेशन की तत्परता बढ़ेगी।
हिंद महासागर से अरब सागर तक फैली हमारी तटरेखा-सीमारेखा पर यह हरित युद्धपोत एक स्वदेशी आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा। इसके डीज़ाइन और निर्माण में भारतीय शिपयार्ड ने मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि रोल्स-रॉयस ने उन्नत बैटरी टेक्नोलॉजी एवं इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम मुहैया कराया है।
यह न केवल हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि सस्टेनेबिलिटी के नए मानदंड भी तय करेगा। यह संयुक्त प्रयास दर्शाता है कि भारत रक्षा और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ कैसे आगे बढ़ा सकता है। वैश्विक रक्षा जगत भी इसे अनुकरणीय मान रहा है।








