विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जाली मुद्रा: मौन खतरा

जाली मुद्रा: अर्थव्यवस्था की जड़ों पर प्रहार, राष्ट्र की सुरक्षा पर अदृश्य खतरा आशीष केसरवानी  एक देश की राष्ट्रीय प्रगति की रीढ़ उसकी वित्तीय प्रणाली होती है। हालांकि, इस प्रणाली में जाली मुद्रा का प्रवेश एक मौन लेकिन बहुआयामी खतरा पैदा करता है जो आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है। नकली…

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विशद विमर्श

समुद्र, सुरक्षा और समृद्धि

समुद्री सुरक्षा और भारत की आर्थिक प्रगति वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह (सेवानिवृत्त) भारत एक ऐसा देश है जिसकी समुद्री संस्कृति 4000 वर्षों से भी अधिक पुरानी है। भारतीय लोककथाओं और प्राचीन ग्रंथों से यह स्पष्ट होता है कि मोहनजोदड़ो, लोथल और हड़प्पा की सिंधु घाटी सभ्यता ने अफ्रीका, अरब, मेसोपोटामिया और भूमध्यसागरीय देशों से…

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