हिंदुमलकोट: जहाँ से शुरू होती है भारत–पाक सीमा की कहानी
राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित हिंदुमलकोट वह भौगोलिक बिंदु है जहाँ से भारत–पाकिस्तान की 1,070 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की शुरुआत होती है। अरावली से दूर, थार की धरती पर बसे इस शांत कस्बे ने भारत के इतिहास, सुरक्षा और कृषि—तीनों ही क्षेत्रों में एक अनोखी पहचान बनाई है। सीमांत इलाकों में अक्सर खामोशी और तनाव साथ-साथ पाए जाते हैं, और हिंदुमलकोट भी इसी दोहरी वास्तविकता का साक्षी है।
1965 और 1971 के भारत–पाक युद्धों के दौरान पश्चिमी मोर्चे के अहम रणक्षेत्र के रूप में यह क्षेत्र व्यापक रूप से चर्चाओं में रहा। यहाँ की मिट्टी ने कई सैनिकों के साहस, बलिदान और वीरगाथाओं को अपने भीतर संजोया है। आज भी इस पूरे सेक्टर में बीएसएफ की मजबूत और रणनीतिक तैनाती मौजूद है। फेंसिंग, पेट्रोलिंग और बॉर्डर चौकियों की निरंतर निगरानी इस बात का संकेत देती है कि यह स्थान देश की सुरक्षा संरचना में कितना महत्वपूर्ण है।
दिलचस्प बात यह है कि यह क्षेत्र सिर्फ सुरक्षा से ही नहीं, बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि से भी भरपूर है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना ने इस रेगिस्तानी भूभाग को उपजाऊ खेतों में बदल दिया है। गेहूँ, कपास और सरसों यहाँ की सबसे प्रमुख फसलें हैं। इसके अलावा, आयुर्वेदिक दृष्टि से महत्वपूर्ण खस की खेती भी हिंदुमलकोट को विशेष पहचान देती है। इसकी खुशबू और औषधीय उपयोग इसे देशभर के बाजारों में मांग वाला उत्पाद बनाते हैं।
हिंदुमलकोट की एक और खूबी है—यहाँ की संस्कृति, जो राजस्थानी सहजता और पंजाबी जोश का अनूठा संगम है। सीमांत क्षेत्र होने के कारण यहाँ दोनों संस्कृतियों का मिलाजुला रूप देखने को मिलता है—भाषा, भोजन, पहनावे और लोकगीतों तक में यह मिश्रण साफ झलकता है।
पिछले कुछ वर्षों में यहाँ जीरो लाइन टूरिज़्म का चलन तेजी से बढ़ा है। देशभर से लोग सीमा के इस आरंभिक बिंदु को देखने, बीएसएफ के जवानों के पराक्रम को नज़दीक से महसूस करने और ‘नो मैन्स लैंड’ की वास्तविकता को समझने के लिए आते हैं। स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र की पहचान, जागरूकता और स्वाभिमान का प्रतीक मानते हैं।
हिंदुमलकोट आज सिर्फ एक भौगोलिक स्थान नहीं है—यह देश की सुरक्षा, कृषि समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता और सीमावर्ती गर्व का जीवंत प्रतीक है। यहाँ की हवा में इतिहास की गूँज है, खेतों में भविष्य की संभावनाएँ और सीमा चौकियों पर राष्ट्र की अटूट दृढ़ता है।








