सीमा-दृष्टि

समस्त सीमाओं की गौरवगाथा

समस्त सीमाओं की गौरवगाथा: राष्ट्र का अभिमान, सुरक्षा का संकल्प भारत की सीमाएँ केवल रेखाएँ नहीं, अपितु हमारे स्वतंत्रता संग्राम का ऐश्वर्य, समर्पित वीरों की शौर्यगाथा और अखण्डता की प्रतिमूर्ति हैं। जब इन सीमाओं की रक्षा अटूट होती है, तब देश की राजधानी से लेकर सबसे सुदूर ग्राम-धुरी तक आत्मविश्वास की लहर दौड़ जाती है।…

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सीमा समाचारिका तक्सिंग, अरुणाचल प्रदेश

आत्मनिर्भरता की मिसाल

तक्सिंग गाँव: सीमांत विकास से आत्मनिर्भरता की मिसाल अरुणाचल प्रदेश के तवांग ज़िले में स्थित तक्सिंग गाँव, सागरस्तर से लगभग 3,200 मीटर की ऊँचाई पर बसा एक छोटा सा कस्बा है। चीन की अक्साई चिन या दक्षिण तकलाकोटी सीमा रेखा से मात्र 8 किलोमीटर दूर रहने के कारण यह क्षेत्र सदैव सैन्य व सामरिक परिदृश्य…

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सीमा-दृष्टि

जाग्रत सीमा, उज्ज्वल राष्ट्र

               जाग्रत सीमा, उज्ज्वल राष्ट्र: सुरक्षित सीमा, सजग नागरिक भारत की छब्बीस हज़ार दो सौ निन्यानवे दशमलव आठ किलोमीटर लंबी सीमा-रेखा केवल मानचित्र पर उठी कोई सूखी रेखा नहीं, वह तो मानो माता की देह पर स्नेह से डला हुआ एक वस्त्र है – जैसे माँ अपने आँचल से…

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नवाचार

सीमाओं पर सीमाहीन नवाचार

सीमावर्ती क्षेत्रों में नवाचार से अभिप्राय उन क्रियात्मक और तकनीकी उपायों, प्रक्रियाओं तथा स्थानीय-आधारित समाधानों से है जो सीमाओं की समग्र सुरक्षा, सतर्कता एवं सामाजिक-आर्थिक समृद्धि को बल प्रदान करते हैं। इनमें अग्रणी उदाहरण हैं: ड्रोन एवं AI तंत्र द्वारा सीमा निगरानी, वाइब्रेंट विलेज मॉडल के माध्यम से स्थानीय उद्योगों का डिजिटलीकरण, अल्पाइन पर्यटन के…

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