सीमा-दृष्टि

मातृभूमि की सीमाओं का संरक्षण

माता का आंचल: सीमाएँ, संस्कृति और राष्ट्र-रक्षा मानव-सभ्यता के उषाकाल से लेकर आज के इस आधुनिक काल तक, मानवता की समस्त संस्कृतियों के हृदय में एक ऐसा अमर सत्य निहित रहा है, जो कालातीत है, सीमाहीन है, और जिसकी गहराई अथाह है। वह सत्य यह है कि धरती को माता के रूप में पूजने की…

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सीमा समाचारिका

कश्मीर: प्राचीन सभ्यताओं का धरोहर-स्थल

कश्मीर: प्राचीन संस्कृति, व्यापारिक मार्गों और ऐतिहासिक उत्खननों का अद्भुत संगम उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले के शांत और सुंदर पहाड़ियों के बीच स्थित ज़ेहनपोरा गाँव में इन दिनों चर्चे में है। यहां शोधकर्ताओं और पुरातत्वविदों ने एक बौद्ध परिसर के अवशेषों का पता लगाया है, जो कश्मीर के प्राचीन सांस्कृतिक परिदृश्य को नया आयाम…

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सीमा समाचारिका

एक अमर सपूत की अदम्य गाथा

जनरल बिपिन रावत: राष्ट्र-रक्षा, नेतृत्व और पराक्रम की अमिट विरासत आज पूरा देश भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ,जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उन्हें नमन कर रहा है। जनरल रावत केवल एक सैन्य अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि मां भारती की सुरक्षा और रणनीति को नए आकार देने वाले वीर सपूत थे।…

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सीमा समाचारिका

सुरक्षित व्यापार का नया अध्याय

  भारत-रूस: रक्षा, रणनीति और व्यापारिक सहयोग की नई उड़ान भारत और रूस ने अपने रणनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाते हुए सीमा-शुल्क प्रक्रियाओं को तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए नया कदम उठाया है। जिसके तहत भारत और रूस के सीमा-शुल्क अधिकारियों ने सामान और वाहनों की आवाजाही के लिए आगमन-पूर्व सूचना देने के मसौदे पर…

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विशद विमर्श

माड धरा जैसलमेर : सामरिक पहलू

माड़ धरा जैसलमेर: रेगिस्तान और भारत की रणनीतिक शक्ति का सामरिक महत्व डॉ ममता भाटी प्राचीन साहित्य में थार प्रदेश को मरू , मरुमंडल , मरूदेश , मरूस्थल , मरुधन्व , मरूकान्तार  आदि शब्दों से सम्बोधित किया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ निर्जल प्रदेश से है। इस मरुधरा की ऐतिहासिकता इस प्रदेश में उपलब्ध पैलियोजोइक,…

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सीमा समाचारिका

रोहिंग्या घुसपैठियों पर सुप्रीम प्रहार

घुसपैठिए आएँ और हम लाल क़ालीन बिछाएँ? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को रोहिंग्या घुसपैठियों के मुद्दे पर राष्ट्रहित का ऐसा सख़्त रुख अपनाया, जो सीमाओं को सबल और संबर्धित करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने स्पष्ट प्रश्न रखा कि जब हमारे करोड़ों नागरिक गरीबी, बेरोज़गारी और बुनियादी ज़रूरतों के…

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