विशद विमर्श

सीमा पार से आतंकवाद

सीमाओं के पार: आतंकवाद, मानव तस्करी और सुरक्षा की खोज के. के. शर्मा (पूर्व महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल (BSF) कौटिल्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ ‘अर्थशास्त्र’ में उल्लेख किया है कि किसी राष्ट्र के पड़ोसी स्वाभाविक रूप से उसके शत्रु होते हैं। अतः उनके साथ अत्यंत सावधानीपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए। सीमाओं का प्रबंधन एक जटिल…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

बंगाल की लड़ाई: सत्ता नहीं, सभ्यता का प्रश्न

  चुनाव से आगे की सोच: क्यों बंगाल भारत के लिए निर्णायक है अश्वनी कुमार च्रोंगू बीते वर्ष 2025 के अंतिम सप्ताह में भाजपा के राष्ट्रीय संगठनात्मक मामलों के प्रमुख और पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने नई दिल्ली से प्रकाशित पत्रिका पाञ्चजन्य  को एक विशेष साक्षात्कार दिया, जिसे मीडिया में व्यापक…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

सोमनाथ मंदिर – विरासत, विध्वंस और पुनर्स्थापन

सोमनाथ: सीमा, सभ्यता और स्वाभिमान की सहस्राब्दी   – भोगेन्द्र पाठक सोमनाथ भारतीय सभ्यता की वह चेतना-धुरी है जिसके चारों ओर इतिहास की आँधियाँ घूमती रहीं, किंतु जिसकी ज्वाला कभी मंद नहीं पड़ी। सोमनाथ का नाम लेते ही भारतीय चेतना के अतल-पृष्ठों पर एक दीर्घ स्मृति-ज्योति प्रज्वलित हो उठती है, जैसे आदिगुरु शिव की ध्यान–निमीलित दृष्टि…

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विविध आयोजन

अखिल भारतीय बैठक 2025

अखिल भारतीय बैठक 2025, अहमदाबाद (7-9 नवम्बर ) ‘अभेद्य सीमा, अखंड भारत’ का उद्घोष दिशा, दृष्टि और दायित्व का महाजागरण   भारत की सीमाओं पर सतत जागरण में स्थित प्रहरियों की चेतना जब समवेत होती है, तब इतिहास को नई दिशा प्राप्त होती है। इसी समवेत चेतना का विराट अनुष्ठान सीमा जागरण मंच की अखिल…

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सीमा समाचारिका

सावलकोट: चिनाब की लहरों में नई ऊर्जा

सावलकोट: सीमा-चेतना और आत्मनिर्भरता का विद्युत-स्तंभ जिन पर्वत शृंखलाओं ने बरसों से बर्फ और बादल का बोझ सहा है, वहीं अब विकास का सूर्योदय फूट रहा है। चिनाब की अनवरत धारा जो पीढ़ियों से सीमांत जन-जीवन को पालती आई है। वहीं आज सावलकोट में ऊर्जा का नया ज्वालामुखी बनकर फूट रही है। 1856 मेगावाट की…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

रक्षा शक्ति को नई धार

  79,000 करोड़ का भारत का संकल्प राष्ट्र भारत आज एक अभूतपूर्व सुरक्षा परिस्थिति का सामना कर रहा है। उत्तर में हिमालय की सर्वोच्च चोटियों से लेकर बांग्लादेश की समतल सीमाओं तक, और पश्चिमी मरुस्थलों से पूर्वी वनक्षेत्रों तक –  भारत की 15,106 किलोमीटर की सीमाएँ अनेक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही हैं। पाकिस्तान…

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