विशद विमर्श

सेना और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां

सीमा रक्षकों और सुरक्षा बलों का मनोबल: मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) लव तोमर “38 वर्षीय हवलदार शिवराम सिंह, भारतीय सेना में पिछले १८ वर्षों से सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में वे जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक उच्च ऊंचाई वाले पोस्ट पर तैनात हैं। वे विवाहित हैं…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

डिजिटल युद्ध और भारत की सुरक्षा

डेटा सुरक्षा, डार्क वेब और अवैध वित्तीय प्रवाह लेफ्टिनेंट जनरल आशीष रंजन प्रसाद (सेवानिवृत्त) वर्तमान युग में किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा केवल भूमि, समुद्र, आकाश और अंतरिक्ष तक सीमित नहीं रही है। अब यह डिजिटल डोमेन में भी विस्तारित हो गई है। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और उभरती हुई तकनीकी महाशक्ति है।…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जाली मुद्रा: मौन खतरा

जाली मुद्रा: अर्थव्यवस्था की जड़ों पर प्रहार, राष्ट्र की सुरक्षा पर अदृश्य खतरा आशीष केसरवानी  एक देश की राष्ट्रीय प्रगति की रीढ़ उसकी वित्तीय प्रणाली होती है। हालांकि, इस प्रणाली में जाली मुद्रा का प्रवेश एक मौन लेकिन बहुआयामी खतरा पैदा करता है जो आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है। नकली…

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सीमा समाचारिका

गुंजी- त्रि-सीमा पर भारत की सजग आत्मा

गुंजी -तकनीक से सुरक्षा, संकल्प से संप्रभुता गुंजी – यह नाम ही एक सुर है। पिथौरागढ़ का यह छोटा-सा ग्राम है जहाँ आकाश पृथ्वी को चूमता है और यहाँ भारत की सीमा केवल राजनीति नहीं, आत्मा बन गई है। भारत-नेपाल-तिब्बत की त्रिवेदी पर अवस्थित यह ग्राम मानचित्र से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है। दस हज़ार पाँच…

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