विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जम्मू-कश्मीर: जनसांख्यिकीय संतुलन अत्यावश्यक

“जम्मू-कश्मीर की सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता की कुंजी: जनसांख्यिकीय संतुलन”- अश्विनी कुमार च्रोंगू      (जम्मू-कश्मीर का प्रश्न केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सीमा-सुरक्षा और सांस्कृतिक अखंडता से जुड़ा मूल मुद्दा है। अश्विनी कुमार च्रोंगू द्वारा प्रस्तुत यह विचारपुंज बताता है कि घाटी में जनसांख्यिकीय असंतुलन ने न केवल कश्मीरी पंडित समुदाय…

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सीमा समाचारिका

सावलकोट: चिनाब की लहरों में नई ऊर्जा

सावलकोट: सीमा-चेतना और आत्मनिर्भरता का विद्युत-स्तंभ जिन पर्वत शृंखलाओं ने बरसों से बर्फ और बादल का बोझ सहा है, वहीं अब विकास का सूर्योदय फूट रहा है। चिनाब की अनवरत धारा जो पीढ़ियों से सीमांत जन-जीवन को पालती आई है। वहीं आज सावलकोट में ऊर्जा का नया ज्वालामुखी बनकर फूट रही है। 1856 मेगावाट की…

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