सावलकोट: चिनाब की लहरों में नई ऊर्जा
सावलकोट: सीमा-चेतना और आत्मनिर्भरता का विद्युत-स्तंभ जिन पर्वत शृंखलाओं ने बरसों से बर्फ और बादल का बोझ सहा है, वहीं अब विकास का सूर्योदय फूट रहा है। चिनाब की अनवरत धारा जो पीढ़ियों से सीमांत जन-जीवन को पालती आई है। वहीं आज सावलकोट में ऊर्जा का नया ज्वालामुखी बनकर फूट रही है। 1856 मेगावाट की…


