परिचय
सीमा अध्ययन संस्थान भारतीय सीमाओं के व्यापक और बहु-विषयक अध्ययन के लिए समर्पित एक अनुसंधान केंद्र है। यह संस्थान भारत की स्थलीय सीमाओं, समुद्र तटीय सीमाओं और द्वीपीय क्षेत्रों के भौगोलिक, संरचनात्मक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा संबंधी विभिन्न आयामों पर गहन अनुसंधान कार्य करता है।शोध के निम्न मुख्य 2 डोमेन है:
- सीमा सुरक्षा- सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा नीति, रणनीति और क्रियान्वयन संबंधी अध्ययन
- सीमा विकास- सीमावर्ती क्षेत्रों का आर्थिक, सामाजिक एवं बुनियादी ढाँचागत विकास.


संस्थान का विजन व मिशन
- विजन: भारत की स्थलीय एवं सागरीय सीमाओं को–अनुसंधान, नीति एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से–समृद्ध, सुरक्षित और समग्र दृष्टि से विकसित करना
- मिशन: सीमा रक्षा, सुरक्षा और प्रबंधन की आधुनिक संकल्पनाओं को विकसित करना
- सीमांत नागरिकों को ‘सीमा प्रहरी’ की भूमिका में प्रशिक्षित एवं जागरूक करना।
- सीमांत अवसंरचना एवं सामाजिक–आर्थिक विकास के बीच असन्वय दूर कर न्यायसंगत लाभ सुनिश्चित करना।
- स्थलीय एवं समुद्री सीमाओं के विविध पारिस्थितिक, भौगोलिक और मानव–आधारित आयामों का विज्ञानसम्मत अध्ययन।
- शोध आधारित नीतिगत हस्तक्षेपों के लिए साक्ष्य–आधारित सिफारिशें प्रस्तुत करना।
- सीमा संबंधी व्यापक शोध और मुख्यधारा मीडिया प्रकाशन के सहारे सार्वजनिक जागरुकता बढ़ाना।
- पूरे भारत में एक समेकित सीमा अध्ययन नेटवर्क स्थापित करना।
संस्थान के शोध के कार्यक्षेत्र
1.सीमा रक्षा से लेकर प्रबंधन तक
2. सीमा अवसंरचना एवं सीमांत नागरिक विकास
3. सीमा प्रहरी नागरिक कार्यक्रम
4. स्थलीय एवं सागरीय सीमाओं का समग्र अध्ययन
5. शोध–प्रकाशन एवं मीडिया भागीदारी
6. नीतिगत सिफारिशें एवं हस्तक्षेप
7. राष्ट्रीय समन्वय एवं नेटवर्किंग


शोध एवं अनुसंधान प्राथमिकताएँ
1. सैन्य–सहयोगी तकनीकी नवाचार
2. नगरीय–ग्रामीण सीमांत विकास
3.सामुदायिक सुरक्षा जागरूकता
4. पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी अध्ययन
5. अंतर्राष्ट्रीय सीमा समन्वय
आउटरीच एवं जागरूकता कार्यक्रम
- “सीमा प्रहरी दिवस” पर सीमांत स्कूलों एवं पंचायतों में जागरूकता अभियान।
- सोशल मीडिया, डॉक्यूमेंट्री, पॉडकास्ट के माध्यम से सीमा सुरक्षा संस्कृति का प्रसार।
- सीमांत पत्रकारिता प्रशिक्षण और स्कॉलरशिप कार्यक्रम।


भविष्य की योजनाएं
- सीमा चेतना मोबाइल ऐप विकसित कर रीयल–टाइम सीमा सूचनाओं की पहुँच।
- सीमा कैडेट प्रोग्राम से युवा पीढ़ी को सक्रिय भागीदारी हेतु प्रशिक्षित करना।
- सीमा अनुसंधान फंड का निर्माण, जो नवाचार एवं छोटे अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देगा।
- भारत–सीमा ग्रंथमाला के तहत सीमा–हितग्रंथों और केस–स्टडी प्रकाशित करना।
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सीमा–समितियों के सहयोगी नेटवर्क का विस्तार।
संगठनात्मक ढांचा
- मुख्यालय: नई दिल्ली में नीति एवं शोध निदेशालय।
- क्षेत्रीय केंद्र: जम्मू–कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल–असम, गुजरात–राजस्थान, अंडमान–निकोबार, लक्षद्वीप।
- कार्यकारी निदेशक, अनुसंधान निदेशक, नीति निदेशक, क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक भागीदारी प्रभारी।
- सलाहकार बोर्ड: रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय एवं विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ।


कार्यप्रणाली एवं संसाधन
- मल्टीडिसिप्लीनरी शोध टीमें: भू–विज्ञानी, समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री, रक्षा विशेषज्ञ, पर्यावरणविद।
- डेटा–संचय एवं विश्लेषण: GIS प्लेटफॉर्म, सैटेलाइट इमेजिंग, सर्वे एवम् फील्ड–स्टडी।
- एमओयू आधारित प्रायोजन: सरकारी एवं निजी संस्थानों, अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसीज से फंडिंग।
- वार्षिक सम्मेलन, कार्यशालाएँ, पॉलिसी हैक्स और स्टार्टअप इनोवेशन चैलेंज आयोजित करना।

