विशद विमर्श

अवैध प्रवासन और स्लीपर सेल्स

मूक विध्वंसकः अवैध प्रवासन और स्लीपर सेल्स – ले. जन. (रि.) डॉ. नितिन कोहली,अध्यक्ष, सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत भारत का विशाल भू-भाग, उसकी विस्तीर्ण सीमाएँ और विविध सांस्कृतिक विरासत एक अद्भुत संगम के समान हैं, जहाँ अनेक रंगों, भाषाओं और परंपराओं का मिलन हुआ है। इस पावन भूमि की सीमाएँ केवल भौतिक रेखाएँ नहीं,…

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विशद विमर्श

सीमाएं टूटीं तो टूटे मंदिर

  सीमाएं टूटीं तो टूटे मंदिर – भोगेन्द्र पाठक, वरिष्ठ पत्रकार सीमाएँ किसी राष्ट्र की संप्रभुता की परिभाषा हैं। ये केवल भौगोलिक विभाजन नहीं हैं, बल्कि देश के अस्तित्व, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। एक सुरक्षित सीमा के अभाव में राष्ट्र अपनी सार्वभौमिकता खो देता है। सीमा सुरक्षा में कोई समझौता राष्ट्रीय…

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विशद विमर्श

सीमा सुरक्षा का आह्वान

भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने में आपकी भूमिका:हर भारतीय को आह्वान   लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम (सेवानिवृत्त) राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद्   प्रिय साथी नागरिकों, भारत की सीमाएं केवल मानचित्र पर खींची गई रेखाएं नहीं हैं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय पहचान, एकता और गौरव के जीवंत किनारे…

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