विशद विमर्शसीमा समाचारिका

बंगाल की लड़ाई: सत्ता नहीं, सभ्यता का प्रश्न

  चुनाव से आगे की सोच: क्यों बंगाल भारत के लिए निर्णायक है अश्वनी कुमार च्रोंगू बीते वर्ष 2025 के अंतिम सप्ताह में भाजपा के राष्ट्रीय संगठनात्मक मामलों के प्रमुख और पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने नई दिल्ली से प्रकाशित पत्रिका पाञ्चजन्य  को एक विशेष साक्षात्कार दिया, जिसे मीडिया में व्यापक…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

बंगाल, विवेकानंद और सभ्यतागत संकट

    विवेकानंद दर्शन और भारत का सभ्यतागत संकट भोगेन्द्र पाठक स्वामी विवेकानंद का जन्म केवल एक महापुरुष का जन्म नहीं था, बल्कि वह क्षण था जब भारतीय चेतना ने आधुनिक युग में नई करवट ली। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि अध्यात्म जीवन से पलायन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने…

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विशद विमर्श

सत्ता परिवर्तन का वैश्विक खेल

पहले बांग्लादेश, फिर नेपाल व वेनेजुएला; और अब ईरान…! अश्वनी कुमार च्रोंगू 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में जनाक्रोश, लूटपाट, आगजनी और देशभर में अवामी लीग के नेताओं तथा उनके कार्यकर्ताओं पर अंधाधुंध हमलों के परिणामस्वरूप सत्ता परिवर्तन हुआ। देश में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई नागरिक सरकार का अचानक अंत हो गया, जब प्रधानमंत्री…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

सोमनाथ की सभ्यतागत भविष्यवाणी

सोमनाथ की भविष्यवाणी: कौन टिकेगा, कौन इतिहास बनेगा भोगेन्द्र पाठक भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास को जब हम बारीकी से देखते हैं, तो एक अद्भुत दृश्य उभरकर आता है – दो रेखाएँ एक साथ चलती हुई, पर विरुद्ध दिशाओं में। एक रेखा है तलवार की जो खून से लिखी गई, क्रूरता से रंगी गई, विजय और…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

सोमनाथ मंदिर – विरासत, विध्वंस और पुनर्स्थापन

सोमनाथ: सीमा, सभ्यता और स्वाभिमान की सहस्राब्दी   – भोगेन्द्र पाठक सोमनाथ भारतीय सभ्यता की वह चेतना-धुरी है जिसके चारों ओर इतिहास की आँधियाँ घूमती रहीं, किंतु जिसकी ज्वाला कभी मंद नहीं पड़ी। सोमनाथ का नाम लेते ही भारतीय चेतना के अतल-पृष्ठों पर एक दीर्घ स्मृति-ज्योति प्रज्वलित हो उठती है, जैसे आदिगुरु शिव की ध्यान–निमीलित दृष्टि…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

रक्षा शक्ति को नई धार

  79,000 करोड़ का भारत का संकल्प राष्ट्र भारत आज एक अभूतपूर्व सुरक्षा परिस्थिति का सामना कर रहा है। उत्तर में हिमालय की सर्वोच्च चोटियों से लेकर बांग्लादेश की समतल सीमाओं तक, और पश्चिमी मरुस्थलों से पूर्वी वनक्षेत्रों तक –  भारत की 15,106 किलोमीटर की सीमाएँ अनेक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही हैं। पाकिस्तान…

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