पंच परिवर्तन : आत्मा से राष्ट्र तक परिवर्तन की यात्रा
एक वैज्ञानिक, व्यवहारिक और सभ्यतागत रूपांतरण की परिकल्पना भोगेन्द्र पाठक संघ का शताब्दी वर्ष उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का उद्घोष है। ‘पंच परिवर्तन’ इसी उद्घोष का मूर्त रूप है। यह एक ऐसा अभियान है जो भारत की आत्मा, सामाजिक ढाँचे और नागरिक संस्कारों को समग्र रूप से पुनर्गठित करने का संकल्प…







