सीमा समाचारिकासीमा-दृष्टि

पहाड़ की खुशबू, परंपराओं की छांव

भारत-नेपाल की साझा विरासत को सहेजता जौलजीबी मेला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में हर वर्ष 14 नवम्बर से 25 नवम्बर के बीच जौलजीवी मेले का आयोजन होता है। काली और गोरी नदियों के पवित्र संगम पर हर साल लगने वाला यह मेला एक बार फिर जीवंत हो उठा है। सदियों पुराना यह मेला सिर्फ़ व्यापारिक…

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अगरतला-अखौरा ICP: पूर्वोत्तर का नया द्वार

 हरियाली, भरोसा और पूर्वोत्तर के भविष्य का नया द्वार त्रिपुरा की शांत, घनी हरियाली और सीमा के उस पार फैली बांग्लादेश की उपजाऊ धरती के बीच स्थित अगरतला–अखौरा एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) पूर्वी सीमा का वह सशक्त द्वार बन चुका है, जहाँ व्यापार, विश्वास और पड़ोसी सहयोग एक नई राह तैयार कर रहे हैं। 2013…

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हिंदुमलकोट-पश्चिमी मोर्चे का रणक्षेत्र

हिंदुमलकोट: जहाँ से शुरू होती है भारत–पाक सीमा की कहानी राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित हिंदुमलकोट वह भौगोलिक बिंदु है जहाँ से भारत–पाकिस्तान की 1,070 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की शुरुआत होती है। अरावली से दूर, थार की धरती पर बसे इस शांत कस्बे ने भारत के इतिहास, सुरक्षा और कृषि—तीनों ही क्षेत्रों में…

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धुबरी: सीमा-सुरक्षा के नये आयाम

धुबरी: भारत की सीमा-सुरक्षा के नये आयाम राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करना, एक जीवंत और स्वाभिमानी राष्ट्र की पहचान है। यह केवल सेना का कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रत्येक देशवासी का पवित्र अधिकार और महान दायित्व है। असम के धुबरी जिले में जो नई सैन्य छावनी स्थापित की जा रही है, वह केवल एक सामरिक निर्णय…

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सीमा सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन

लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में रक्षा परियोजनाओं को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति :  हाल ही में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 86वीं बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में 13 प्रमुख रक्षा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। यह निर्णय देश की सामरिक आवश्यकताओं को सुदृढ़…

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अमर राष्ट्रगीत के 150 वर्ष

वन्दे मातरम् : भारत की अमर चेतना का शाश्वत गीत सात नवम्बर, अठारह सौ पचहत्तर। यह तिथि, यह दिन, यह पल भारतीय चेतना के लिए कोई साधारण क्षण नहीं था। यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों से अंकित है। पश्चिम बंगाल के नैहाटी नगर में, एक छोटे से गाँव कंधालपाड़ा में, एक आम के पेड़…

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