विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जम्मू-कश्मीर: जनसांख्यिकीय संतुलन अत्यावश्यक

“जम्मू-कश्मीर की सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता की कुंजी: जनसांख्यिकीय संतुलन”- अश्विनी कुमार च्रोंगू      (जम्मू-कश्मीर का प्रश्न केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सीमा-सुरक्षा और सांस्कृतिक अखंडता से जुड़ा मूल मुद्दा है। अश्विनी कुमार च्रोंगू द्वारा प्रस्तुत यह विचारपुंज बताता है कि घाटी में जनसांख्यिकीय असंतुलन ने न केवल कश्मीरी पंडित समुदाय…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

जैव सुरक्षा और वैश्विक विमर्श

भारत के लिए जैव–सुरक्षा के वैश्विक सबक डॉ. जयदेव पारीदा कल्पना कीजिए कि एक सुबह आपके सभी डिजिटल उपकरणों पर एक साथ अलर्ट आने लगते हैं – भारत के पूर्वी क्षेत्र में बर्ड फ्लू के प्रसार की चेतावनी, केरल में निपाह वायरस का प्रकोप, और उत्तर भारत में आक्रामक प्रजातियों की उपस्थिति, जो करोड़ों नागरिकों…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का पुनरावलोकन

सीमाओं पर जीवन की लौ: वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) का पुनरावलोकन   लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), राज्यपाल, उत्तराखण्ड   “सीमा पर सूरज सबसे पहले उगता है, और वहीं से भारत हर रोज़ नया स्वप्न देखता है।” सीमाएँ किसी भी राष्ट्र की आँखें होती हैं – सजग, संघर्षशील और सर्द हवाओं में भी प्राणवान। एक…

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विविध आयोजनसीमा समाचारिका

सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम की समीक्षा

सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) की समीक्षा   आर. पी. कलिता, लेफ्टिनेंट जनरल (से. नि.) भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है तथा हिंद महासागर पर इसकी प्रभुत्वकारी स्थिति है, जिसके माध्यम से वैश्विक समुद्री व्यापार का लगभग 80% (वॉल्यूम के आधार पर) एवं वैश्विक तेल व्यापार का लगभग…

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विशद विमर्शसीमा समाचारिका

सोनार किला: राष्ट्र की पश्चिमी चौकी

सीमांत पर स्वर्ण दुर्ग: जैसलमेर का सोनार किला डॉ. ममता भाटी गढ़ दिल्ली,  गढ आगरो,  गढ़ बीकानेर। भलो चुणायो भाटीये, सिरे तो जैसलमेर।। जैसलमेर ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट महत्त्व रखता है और अपनी गौरवशाली संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इस नगर की स्थापत्य कला सचमुच अद्वितीय है। जैसलमेर नगर एवं दुर्ग का निर्माण महाराणा जैसल…

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सीमा समाचारिका

बॉर्डर 2: शौर्य की वापसी

बॉर्डर 2: भारतीय चेतना की एक महाकाव्यात्मक फिल्म भोगेन्द्र पाठक अनुराग सिंह के सधे हुए निर्देशन में निर्मित फ़िल्म ‘बॉर्डर 2’ राष्ट्रचेतना का प्रखर उद्घोष बनकर उभरती है। यह केवल एक युद्ध-कथा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से संवाद करती हुई एक जीवंत अभिव्यक्ति है। फ़िल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध को मात्र स्मृति के रूप…

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