सीमा समाचारिका

धुबरी: सीमा-सुरक्षा के नये आयाम

धुबरी: भारत की सीमा-सुरक्षा के नये आयाम राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करना, एक जीवंत और स्वाभिमानी राष्ट्र की पहचान है। यह केवल सेना का कर्तव्य नहीं, बल्कि प्रत्येक देशवासी का पवित्र अधिकार और महान दायित्व है। असम के धुबरी जिले में जो नई सैन्य छावनी स्थापित की जा रही है, वह केवल एक सामरिक निर्णय…

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सीमा-दृष्टि

वन्दे मातरम्: वर्षभर राष्ट्रीय उत्सव

राष्ट्रगीतः वन्दे मातरम् वर्षभर राष्ट्रीय उत्सव (2025-2026) 150 वर्षों की गौरव-गाथा 7 नवम्बर, 1875 – यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों से अंकित है। जब पश्चिम बंगाल के नैहाटी नगर स्थित कंधालपाड़ा गाँव में, एक आम के पेड़ के नीचे बैठकर बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने अक्षय नवमी के पावन अवसर पर वन्दे मातरम् की रचना…

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वन्दे मातरम् : एक अनूठा गीत

वन्दे मातरम् : विश्व-इतिहास में एक अनूठा गीत बंकिम चन्द्र चटर्जी की अमर रचना का वैश्विक महत्व  जब हम विश्व के इतिहास में झाँकते हैं, तब हमें अनेक राष्ट्रगीत, देशभक्ति-गीत और क्रांतिकारी गान मिलते हैं। फ्रांस का La Marseillaise, अमेरिका का The Star-Spangled Banner, ब्रिटेन का God Save the King –  ये सब अपने-अपने देशों…

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सीमा समाचारिका

सीमा सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन

लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में रक्षा परियोजनाओं को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति :  हाल ही में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 86वीं बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसके तहत लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में 13 प्रमुख रक्षा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। यह निर्णय देश की सामरिक आवश्यकताओं को सुदृढ़…

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अमर राष्ट्रगीत के 150 वर्ष

वन्दे मातरम् : भारत की अमर चेतना का शाश्वत गीत सात नवम्बर, अठारह सौ पचहत्तर। यह तिथि, यह दिन, यह पल भारतीय चेतना के लिए कोई साधारण क्षण नहीं था। यह दिन भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों से अंकित है। पश्चिम बंगाल के नैहाटी नगर में, एक छोटे से गाँव कंधालपाड़ा में, एक आम के पेड़…

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सीमा समाचारिका

मंथन-2025, सीमा से सेवा तक

मंथन- 2025-मालवीय स्मृति भवन, नई दिल्ली, तिथि: 5 नवम्बर, 2025 मंदिर निर्माण से राष्ट्र निर्माण का संकल्प विस्तृत कार्यक्रम रिपोर्ट आयोजक: सीमा जागरण मंच सीमा जागरण मंच द्वारा आयोजित मंथन–3  एक ऐतिहासिक और विचारोत्तेजक आयोजन रहा, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की सीमाओं पर सांस्कृतिक पुनर्जागरण, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाना है। इस वर्ष…

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