सीमा समाचारिका

बिशिंग : 70 जन 140 करोड़ की सुरक्षा

ब्रह्मपुत्र की प्रथम हुंकार और भारत सीमा का जीवित प्रहरी अरुणाचल प्रदेश का बड़ा हिस्सा चीन सीमा से लगा है। यहां की ऊपरी सियांग जनपद के सुदूरतम भाग में अवस्थित ‘बिशिंग’ एक ऐसा ग्राम है जहाँ भारत का एक छोर समाप्त होता है और चीन की सीमाएँ  आरम्भ होती हैं। यहाँ केवल 22 घर और…

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सीमा-दृष्टि

वन्दे मातरम् की अनादि यात्रा

वन्दे मातरम्: भारत की आत्मचेतना कभी-कभी इतिहास ऐसे विलक्षण क्षणों से गुजरता है, जहाँ एक कलम की नोक, एक विचार की चमक और एक शब्द का स्पर्श समूचे राष्ट्र को झकझोर कर उठा देता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक क्षण तब उदित हुआ, जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से ‘वन्दे मातरम्’ जैसा अमर गीत प्रस्फुटित…

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सीमा समाचारिकासीमा-दृष्टि

पहाड़ की खुशबू, परंपराओं की छांव

भारत-नेपाल की साझा विरासत को सहेजता जौलजीबी मेला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में हर वर्ष 14 नवम्बर से 25 नवम्बर के बीच जौलजीवी मेले का आयोजन होता है। काली और गोरी नदियों के पवित्र संगम पर हर साल लगने वाला यह मेला एक बार फिर जीवंत हो उठा है। सदियों पुराना यह मेला सिर्फ़ व्यापारिक…

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सीमा समाचारिका

अगरतला-अखौरा ICP: पूर्वोत्तर का नया द्वार

 हरियाली, भरोसा और पूर्वोत्तर के भविष्य का नया द्वार त्रिपुरा की शांत, घनी हरियाली और सीमा के उस पार फैली बांग्लादेश की उपजाऊ धरती के बीच स्थित अगरतला–अखौरा एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) पूर्वी सीमा का वह सशक्त द्वार बन चुका है, जहाँ व्यापार, विश्वास और पड़ोसी सहयोग एक नई राह तैयार कर रहे हैं। 2013…

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विशद विमर्श

क्यों युग-धर्म की हुंकार लक्ष्मीबाई

क्यों लक्ष्मीबाई केवल इतिहास नहीं -भोगेन्द्र पाठक, वरिष्ठ पत्रकार इतिहास के विराट गगन में अनेक नारी–दीप्तियाँ उदित हुईं, जिनकी प्रकाश–रेखाएँ भारत–पथ को आलोकित करती रहीं। पर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का प्राकट्य तो ऐसा था, जैसे भारत–माता के ललाट पर गौरव का उज्ज्वल सिंदूर–चिह्न स्वयं उतर आया हो। वह एक ऐसा अदम्य व्यक्तित्व थीं जिनमें…

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सीमा समाचारिका

हिंदुमलकोट-पश्चिमी मोर्चे का रणक्षेत्र

हिंदुमलकोट: जहाँ से शुरू होती है भारत–पाक सीमा की कहानी राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित हिंदुमलकोट वह भौगोलिक बिंदु है जहाँ से भारत–पाकिस्तान की 1,070 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की शुरुआत होती है। अरावली से दूर, थार की धरती पर बसे इस शांत कस्बे ने भारत के इतिहास, सुरक्षा और कृषि—तीनों ही क्षेत्रों में…

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