विशद विमर्श

आतंकवाद और सीमा कानूनों की कमजोर कड़ी

कानूनी कमजोरियाँ: आतंकवाद और सीमा नियंत्रण से संबंधित विधिक प्रावधानों की दुर्बलता   डॉ. अभिरंजन दीक्षित डॉ. ऐश्वर्या सिंह पिछले दो दशकों में वैश्विक आतंकवाद का खतरा और अधिक विकराल हो गया है। इसके परिणामस्वरूप कई देश निरंतर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्कों और छिद्रपूर्ण सीमाओं के चलते। यद्यपि…

Read article
विशद विमर्श

सीमावर्ती समुदाय: सांस्कृतिक एवं मनोवैज्ञानिक सुरक्षा

सीमावर्ती समुदायों में सांस्कृतिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा डॉ. मनीष सिंह, वैज्ञानिक ‘ई’, डीआरडीओ विश्वभर में सीमावर्ती समुदाय भौगोलिक और राजनीतिक विशिष्टताओं के कारण जटिल सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करते हैं। सीमाएं, चाहे भौतिक हों या रूपकात्मक, इन समुदायों के व्यक्तियों के जीवन और सामूहिक पहचान को गहराई से प्रभावित करती हैं।…

Read article
विशद विमर्श

सेना और मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां

सीमा रक्षकों और सुरक्षा बलों का मनोबल: मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां लेफ्टिनेंट कर्नल (डॉ.) लव तोमर “38 वर्षीय हवलदार शिवराम सिंह, भारतीय सेना में पिछले १८ वर्षों से सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में वे जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक उच्च ऊंचाई वाले पोस्ट पर तैनात हैं। वे विवाहित हैं…

Read article
विशद विमर्शसीमा समाचारिका

सोनार किला: राष्ट्र की पश्चिमी चौकी

सीमांत पर स्वर्ण दुर्ग: जैसलमेर का सोनार किला डॉ. ममता भाटी गढ़ दिल्ली,  गढ आगरो,  गढ़ बीकानेर। भलो चुणायो भाटीये, सिरे तो जैसलमेर।। जैसलमेर ऐतिहासिक दृष्टि से विशिष्ट महत्त्व रखता है और अपनी गौरवशाली संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। इस नगर की स्थापत्य कला सचमुच अद्वितीय है। जैसलमेर नगर एवं दुर्ग का निर्माण महाराणा जैसल…

Read article
विशद विमर्श

आख्यान युद्ध: एआई(AI) की रणभूमि

आख्यान युद्ध: भारत की सभ्यतागत आत्मा के लिए एक मूक संग्राम सिद्धार्थ दवे “एक झूठ पूरी दुनिया का आधा चक्कर लगा सकता है, जबकि सत्य अभी अपने जूते पहन ही रहा होता है।” यह उक्ति प्रायः मार्क ट्वेन को समर्पित की जाती है, जबकि वास्तव में यह जोनाथन स्विफ्ट की है। यह एक प्रतीकात्मक विडंबना…

Read article
सीमा समाचारिका

बॉर्डर 2: शौर्य की वापसी

बॉर्डर 2: भारतीय चेतना की एक महाकाव्यात्मक फिल्म भोगेन्द्र पाठक अनुराग सिंह के सधे हुए निर्देशन में निर्मित फ़िल्म ‘बॉर्डर 2’ राष्ट्रचेतना का प्रखर उद्घोष बनकर उभरती है। यह केवल एक युद्ध-कथा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा से संवाद करती हुई एक जीवंत अभिव्यक्ति है। फ़िल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध को मात्र स्मृति के रूप…

Read article