सीमा संवाद: राष्ट्रीय चेतना का वार्षिक आकलन
सीमा जागरण मंच (दिल्ली प्रांत) की निरंतर साधना का दस्तावेज (मार्च 2024-मार्च 2025)
संवाद की सार्थकता
सीमा जागरण मंच का ‘सीमा संवाद’ कार्यक्रम राष्ट्रधर्म की पावन दृष्टि से असाधारण महत्व रखता है। यह न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर विषयों पर उच्चकोटि के बौद्धिक विमर्श का दिव्य मंच है, वरन् उस परम चिंतन-प्रक्रिया का जीवंत अंग है, जो आज के भारत को अपनी पवित्र सीमाओं के प्रति सजग एवं सचेतन बनाने के महान उद्देश्य में निरंतर लगी हुई है।
विगत एक वर्ष में आयोजित द्वादश कार्यक्रमों की सूची का अवलोकन करते हुए एक सुस्पष्ट सत्य हमारे सम्मुख आता है – यह संस्था सरकारी नीतियों का यांत्रिक समर्थन करने वाला सामान्य मंच नहीं है, अपितु अति गंभीर अकादमिक चर्चा का उत्कृष्ट केंद्र है। यहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज की अमर युद्ध-तकनीक से लेकर बांग्लादेश की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता तक, प्रत्येक राष्ट्रीय महत्व के विषय पर खुली, निष्पक्ष और विद्वत्तापूर्ण बहस का आयोजन होता है। यहाँ भारत के प्रथम गाँवों की गौरव-गाथा से लेकर परमाणु नीति की जटिलताओं तक, अखंड भारत से आए हिन्दू भाई-बहनों की नागरिकता के प्रश्न से लेकर सोशल मीडिया की राष्ट्रीय सुरक्षा में भूमिका तक – सभी विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मनन-चिंतन होता है।
इन संवाद-सभाओं में सेवानिवृत्त सेनाध्यक्षों, वरिष्ठ न्यायाधीशों, माननीय मंत्रिगणों और विद्वान आचार्यों का सम्मिलित होना इस बात का प्रमाण है कि यहाँ केवल भावनात्मक भाषणबाजी नहीं, वरन् तथ्यपरक और व्यावहारिक चर्चा होती है। कारगिल विजय की रजत जयंती से लेकर राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवाओं की सीमा सुरक्षा में भूमिका तक – हर कार्यक्रम राष्ट्रीय गौरव और जागरूकता का संवाहक बनता है। सीमा जागरण मंच का यह ‘सीमा संवाद’ कार्यक्रम न केवल एक शैक्षणिक गतिविधि है, वरन् राष्ट्रीय चेतना के जागरण का एक दिव्य यज्ञ है, जिसमें विद्वजनों के विचार-रूपी आहुतियाँ डालकर राष्ट्र-हित की पावन अग्नि को प्रज्ज्वलित रखा जाता है।
महत्वपूर्ण आयोजनों का विश्लेषण
मार्च, 2025
दिनांक 3 मार्च 2025 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘छत्रपति शिवाजी महाराज के किले और आयुध तकनीक’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी महाविद्यालय के पेशवा बाजीराव सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. प्रशांत अर्वे (सहायक प्राध्यापक, रामजस महाविद्यालय, दि.वि.वि.) शामिल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. वीरेन्द्र भारद्वाज (प्राचार्य, शिवाजी महाविद्यालय) ने की।
फरवरी, 2025
दिनांक 1 फरवरी 2025 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘अखंड भारत से आए हिंदू भाई-बहनों को भारतीय नागरिकता उपलब्ध कराना’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती महाविद्यालय के सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री नित्यानंद राय जी (माननीय गृह राज्य मंत्री, भारत सरकार) शामिल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. बलराम पाणि (डीन ऑफ कॉलेज, दि.वि.वि.) ने की।
जनवरी, 2025
दिनांक 12 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘सीमा सुरक्षा में युवाओं की भूमिका’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मोनिका अरोड़ा जी (अधिवक्ता, उच्चतम न्यायालय) शामिल हुईं तथा मुख्य अतिथि के रूप में न्यायाधीश विपिन सांघी जी (सेवानिवृत्त) शामिल रहे। कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में राइफल शूटर काजल सैनी की उपस्थिति शोभनीय रही। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) ने की।
दिसंबर, 2024
दिनांक 15 दिसंबर 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘विजय से अनिश्चितता तक: सन 1971 के युद्ध के पश्चात से बांग्लादेश का राजनीतिक परिप्रेक्ष्य’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज, मोहन नगर, गाजियाबाद के प्रांगण में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में लेफ्ट. जनरल संजय कुलकर्णी जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, एससी, एसएम, वीएसएम) शामिल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) ने की।
अक्टूबर, 2024
दिनांक 27 अक्टूबर 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, 15 जनपथ रोड विंडसर प्लेस के प्रांगण में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री संजय सेठ जी (माननीय रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार) और वक्ता के रूप में जनरल वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त) तथा एसीएम आर. के. एस. भदौरिया (सेवानिवृत्त) शामिल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) ने की।
सितंबर, 2024
दिनांक 28 सितंबर 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘दक्षिण एशिया में होने वाले हालिया बदलाव: भारत हेतु इसके निहितार्थ’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस महाविद्यालय के सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल राकेश शर्मा जी शामिल रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अजय कुमार अरोड़ा जी (प्राचार्य, रामजस महाविद्यालय) ने की।
अगस्त, 2024
दिनांक 17 अगस्त 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा में सोशल मीडिया की भूमिका’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम महाविद्यालय के सभागार में हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चाणक्य फोरम के संस्थापक मेजर गौरव आर्य जी (सेवानिवृत्त) शामिल हुए तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सविता राय जी (प्राचार्या, दौलत राम महाविद्यालय) ने की।
जुलाई, 2024
दिनांक 20 जुलाई 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘कारगिल विजय की रजत जयंती’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय समर स्मारक इंडिया गेट, नई दिल्ली के प्रांगण में हुआ। सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत द्वारा कारगिल विजय की रजत जयंती के आयोजन के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय समर स्मारक पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस बार सीमा जागरण मंच की ओर से पूर्व सैनिक सेवा परिषद् के अध्यक्ष पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, लेफ्टिनेंट जनरल वी. के. चतुर्वेदी ने अमर जवान ज्योति के समक्ष शहीदों को पुष्पसुमन अर्पित किया। इस पावन अवसर पर सीमा जागरण मंच के अखिल भारतीय संयोजक श्री मुरलीधर भिंडे तथा सीमा जागरण मंच के दिल्ली प्रांत के संगठन महामंत्री श्री दीप नारायण पांडेय जी उपस्थित रहे।
जून, 2024
दिनांक 29 जून 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘भारत की परमाणु नीति’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मनप्रीत सेठी जी (वायु शक्ति अध्ययन केंद्र की मानद फेलो) शामिल हुईं। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीमा जागरण मंच, दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) ने की।
अप्रैल, 2024
दिनांक 21 अप्रैल 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘एनआरसी – वास्तविकता और मिथकों को स्पष्ट करना’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रतो साहा जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) शामिल हुए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भूतपूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल वी. के. चतुर्वेदी जी (पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम) ने की।
मार्च, 2024
दिनांक 8 मार्च 2024 को आयोजित किए गए सीमा संवाद कार्यक्रम का विषय ‘भारत के प्रथम गांव’ पर आधारित था। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान आर. वेंकटरमणी जी (अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया) शामिल हुए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. राजीव चोपड़ा जी (प्राचार्य, दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स) ने की।