‘धुरंधर’: राष्ट्र-संघर्ष का स्वर
फिल्म ‘धुरंधर’: सीमा-जागरण और राष्ट्र-संघर्ष के आख्यान धुरंधर वह पुरुषार्थी है जो युग का सबसे बड़ा बोझ अपने कंधों पर लेता है, विषम समय में झुकता नहीं, टूटता नहीं, वरन् ज्वालामुखी की भाँति भीतर से दहकते हुए भी बाहर से हिमालय की तरह स्थिर दिखाई देता है। इस शब्द की व्यंजना में बल, बुद्धि, दक्षता,…


