विशद विमर्श

क्यों युग-धर्म की हुंकार लक्ष्मीबाई

क्यों लक्ष्मीबाई केवल इतिहास नहीं -भोगेन्द्र पाठक, वरिष्ठ पत्रकार इतिहास के विराट गगन में अनेक नारी–दीप्तियाँ उदित हुईं, जिनकी प्रकाश–रेखाएँ भारत–पथ को आलोकित करती रहीं। पर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई का प्राकट्य तो ऐसा था, जैसे भारत–माता के ललाट पर गौरव का उज्ज्वल सिंदूर–चिह्न स्वयं उतर आया हो। वह एक ऐसा अदम्य व्यक्तित्व थीं जिनमें…

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सीमा समाचारिका

हिंदुमलकोट-पश्चिमी मोर्चे का रणक्षेत्र

हिंदुमलकोट: जहाँ से शुरू होती है भारत–पाक सीमा की कहानी राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में स्थित हिंदुमलकोट वह भौगोलिक बिंदु है जहाँ से भारत–पाकिस्तान की 1,070 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा की शुरुआत होती है। अरावली से दूर, थार की धरती पर बसे इस शांत कस्बे ने भारत के इतिहास, सुरक्षा और कृषि—तीनों ही क्षेत्रों में…

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सीमा-दृष्टि महारानी लक्ष्मीबाई

मां भारती की वीर पुत्री की जयंती

जिसने शौर्य को इतिहास में दर्ज कर दिया- रानी लक्ष्मीबाई भारत के ऐतिहासिक आकाश में नारी–शौर्य के अनेक सूर्य उदित हुए, पर रानी लक्ष्मीबाई की उदीप्ति तो मातृभूमि के माथे पर  अविचल वीरता का कुमकुम–चिह्न बनकर चमकी – एक ऐसी राष्ट्रात्मा के रूप में जो पीढ़ियों को संकल्प और स्वाभिमान का संदेश दे रही हैं।…

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